फ़र्ज़ाद मोतामेन निर्देशित सायेह हाए रोशन एक गहन ईरानी मनोवैज्ञानिक नाटक है जो स्मृति और वास्तविकता की नाज़ुक सीमा को उजागर करता है। स्मृतिभ्रंश से पीड़ित प्रसिद्ध अभिनेता रामिन अपनी खोई हुई पहचान की तलाश में पत्नी के पैतृक गाँव जाता है, जहाँ सपने, भ्रम और हकीकत आपस में घुल-मिल जाते हैं। बर्गमान और तारकोव्स्की की याद दिलाने वाली यह काव्यात्मक फ़िल्म पहचान, स्मृति और भूलने की पीड़ा पर गहरे सवाल उठाती है। Top Local Videos पर अभी देखें।
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