जर्मनी में वर्षों बिताने के बाद यास्मीन अपने पिता की मृत्यु की खबर पर ईरान लौटती है। उसका ऑटिस्टिक बेटा इस सफ़र को और कठिन बना देता है। पिता के गृहनगर में वह उन लोगों से मिलती है जो उन्हें जानते थे और एक अनोखी विरासत पाती है। यह संवेदनशील ईरानी फ़िल्म परिवार, पहचान और मृत्यु के अर्थ पर गहरी दृष्टि प्रस्तुत करती है। Top Local Videos पर स्ट्रीम करें।
टिप्पणियाँ
पहले टिप्पणी करने वाले बनें।